Piyush Sir Reasoning Book Review // पीयूष सर बुक पीडीएफ

Piyush Sir Reasoning Book Review // पीयूष सर बुक पीडीएफ

नमस्कार छात्रों अगर आप भी स्पर्धात्मक परीक्षा की तैयारी कर रहे है तो दोस्तो आपके लिए रीजनिंग विषय भी एक महत्वपूर्ण है, बहुत सारे छात्र ऐसे होते हैं कि वह रीजनिंग और गणित में अच्छी तयारी नहीं कर पाते है, और साथी दोस्तों मार्केट में बहुत सारी रीजनिंग की बुक तो उपलब्ध है मगर उनमें से कौन सी बुक आपके लिए अच्छी है वह सब जानकारी हम आपके लिए लाते हैं, दोस्तों आज के इस लेख मे हम आपको पीयूष सर की रीजनिंग की बुक कैसी है उसके बारे बताएंगे और साथ ही उस बुक का पीडीएफ हम आपको फ्री में देंगे।

बहुत सारे छात्र ऐसे होते हैं जो पढ़ना तो चाहते हैं और अच्छी तरह से तैयारी भी करना चाहते है मगर उनके पास अच्छी बुक नहीं होती है उसकी वजह से वो लोग पीछे रह जाते है, इसलिए दोस्तो आज हम आपको पीयूष सर की यह रीजनिंग की बुक का पीडीएफ बिल्कुल फ्री में देने वाले है।

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आज के समय में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए रीजनिंग एक ऐसा विषय बन चुका है, जिसमें अच्छे अंक लाकर चयन की संभावना बढ़ाई जा सकती है। बैंकिंग, SSC, रेलवे, पुलिस, डिफेंस और अन्य सरकारी परीक्षाओं में रीजनिंग सेक्शन बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में सही किताब का चुनाव करना बहुत जरूरी हो जाता है। रीजनिंग की तैयारी के लिए छात्रों के बीच “पियूष सर रीजनिंग बुक” काफी लोकप्रिय हो रही है। यह किताब खास तौर पर उन विद्यार्थियों के लिए उपयोगी मानी जाती है जो बेसिक से लेकर एडवांस स्तर तक रीजनिंग को मजबूत बनाना चाहते हैं।

पियूष सर की इस किताब की सबसे बड़ी खासियत इसकी आसान भाषा और समझाने का तरीका है। अक्सर देखा जाता है कि रीजनिंग के कठिन प्रश्न छात्रों को डराते हैं, लेकिन इस पुस्तक में हर टॉपिक को सरल उदाहरणों के माध्यम से समझाया गया है। चाहे बात सिलेागिज्म की हो, ब्लड रिलेशन, पजल, सीटिंग अरेंजमेंट या फिर कोडिंग-डिकोडिंग की, हर चैप्टर को स्टेप बाय स्टेप समझाने की कोशिश की गई है। यही कारण है कि नए छात्र भी इसे आसानी से समझ पाते हैं।

Piyush Sir Reasoning Book

इस किताब में प्रैक्टिस प्रश्नों की संख्या भी काफी अच्छी है। प्रत्येक अध्याय के बाद पर्याप्त सवाल दिए गए हैं, जिससे विद्यार्थी अपनी तैयारी का स्तर जांच सकते हैं। साथ ही, पिछले वर्षों के प्रश्नपत्रों के आधार पर प्रश्न शामिल किए गए हैं, जो परीक्षा के पैटर्न को समझने में मदद करते हैं। कई छात्रों का मानना है कि इस पुस्तक से अभ्यास करने के बाद उनकी स्पीड और एक्यूरेसी दोनों में सुधार देखने को मिला।

किताब कैसी है?

पियूष सर की टीचिंग स्टाइल का प्रभाव इस किताब में साफ दिखाई देता है। जिस तरह वे ऑनलाइन क्लास में पढ़ाते हैं, उसी तरह पुस्तक में भी कॉन्सेप्ट को आसान तरीके से प्रस्तुत किया गया है। कठिन टॉपिक्स को छोटे-छोटे भागों में बांटकर समझाना इस पुस्तक की एक बड़ी ताकत है। यही वजह है कि यह किताब केवल टॉपर छात्रों के लिए ही नहीं, बल्कि औसत विद्यार्थियों के लिए भी बेहद उपयोगी साबित होती है।

हालांकि, कुछ विद्यार्थियों का यह भी कहना है कि एडवांस लेवल के कुछ टॉपिक्स में और अधिक कठिन प्रश्न शामिल किए जा सकते थे। जो छात्र बहुत उच्च स्तर की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हैं, उन्हें अतिरिक्त अभ्यास सामग्री की आवश्यकता पड़ सकती है। लेकिन बेसिक और मिड लेवल की तैयारी के लिए यह किताब एक बेहतरीन विकल्प मानी जा सकती है।

किताब की प्रिंट क्वालिटी और डिजाइन भी काफी आकर्षक है। फॉन्ट स्पष्ट होने के कारण लंबे समय तक पढ़ाई करने में आंखों पर ज्यादा असर नहीं पड़ता। टॉपिक्स की क्रमबद्ध प्रस्तुति विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान व्यवस्थित महसूस कराती है। इसके अलावा, कई जगह ट्रिक्स और शॉर्टकट भी दिए गए हैं, जो कम समय में प्रश्न हल करने में मदद करते हैं।

क्या सच में यह बुक उपयोगी है?

अगर किसी छात्र की रीजनिंग कमजोर है और वह शुरुआत से तैयारी करना चाहता है, तो यह किताब उसके लिए काफी मददगार साबित हो सकती है। वहीं जिन छात्रों की बेसिक तैयारी पहले से अच्छी है, वे इस पुस्तक का उपयोग अपनी प्रैक्टिस और रिवीजन के लिए कर सकते हैं।

अंत में कहा जा सकता है कि पियूष सर की रीजनिंग बुक प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों के लिए एक भरोसेमंद और उपयोगी पुस्तक है। आसान भाषा, बेहतरीन उदाहरण, पर्याप्त प्रैक्टिस सेट और परीक्षा आधारित प्रश्न इसे खास बनाते हैं। यदि कोई छात्र रीजनिंग विषय में मजबूत पकड़ बनाना चाहता है, तो यह किताब उसकी तैयारी को सही दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।

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